Thursday, June 25, 2026
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मैंने श्री अकाल तख्त साहिब के आगे मत्था टेका क्योंकि यह हर पंजाबी और सिख के लिए सर्वोच्च है, लेकिन कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इसका दुरुपयोग कर रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

बठिंडा: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब हर पंजाबी और सिख के लिए सर्वोच्च है, लेकिन कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस संस्था का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव तुरंत कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अब धार्मिक संस्थाओं को उन लोगों के गलबे में रहने देने का बोझ और बर्दाश्त नहीं कर सकता, जिन्होंने सियासी फायदा लेने के लिए आस्था का शोषण किया और सूबे को बर्बादी की ओर धकेलने वाले माफिया को संरक्षण दिया।

मौड़ हलके के ऐतिहासिक गांव मंडी कलां में विशाल ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां उनकी सरकार ने बेअदबी के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026’ बनाया है, वहीं दूसरी तरफ ‘मांवाँ-धीयां सम्मान योजना’ के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है, नहरी सिंचाई के विस्तार और दिन में बिजली आपूर्ति के जरिए किसानों को सुरक्षित किया जा रहा है और शिक्षा में सुधार करके पंजाब को स्कूली शिक्षा में देश का नंबर एक राज्य बनाया जा रहा है। उन्होंने गांव के विकास के लिए 50 लाख रुपये की ग्रांट देने, नई लाइब्रेरी खोलने और गांव की 55 साल पुरानी धर्मशाला के नवीनीकरण की घोषणा भी की। लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब हर सिख के लिए पवित्र है और इसे कौम का सर्वोच्च तख्त माना जाता है। यह एक बहुत ही पूजनीय स्थान है, जहां से हर सिख ईश्वरीय शांति और शक्ति प्राप्त करता है।मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने भारत सरकार को लिखा है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव हुए 14 साल हो गए हैं। यह संस्था आज बेहद खराब हालत में है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बाढ़ के दौरान सुखबीर सिंह बादल द्वारा बांटा गया पैसा उनकी अपनी खून-पसीने की कमाई नहीं थी। यह गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई भेंट का पैसा था। उन्होंने आगे कहा, “बादल परिवार ने जमीन, रेत, ‘चिट्टे’, ट्रांसपोर्ट और अन्य माफिया को संरक्षण देकर पंजाब में सब कुछ हड़प लिया। उन्होंने सूबे को बर्बाद कर दिया और यहां के लोगों को बहुत दुख दिए।मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ईश्वर ने मुझे ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026’ बनाकर मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा है, जो बेअदबी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करता है। इस कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 50 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है।भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि यह कानून एक मजबूत प्रतिरोधक के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण हरकत करने की हिम्मत नहीं करेगा।

उन्होंने कहा, “अकालियों ने सियासी फायदे के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग उन्हें इसके लिए कभी माफ नहीं कर सकते। मैं अपने आप को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस ऐतिहासिक कानून को बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।”विरोधी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक सियासी पार्टियां इसके लिए झूठा प्रचार कर रही हैं क्योंकि वे लोगों के सामने बेनकाब होने से डरती हैं।कांग्रेस पार्टी पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि हर कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस में हर नेता सूबे का मुखिया बनने की इच्छा रखता है। पार्टी के पास आम कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री के दावेदार हैं। कांग्रेसी नेता दिन-दहाड़े सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह मिलनी कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। यह लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का एक अवसर है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने भी आम नागरिकों के कल्याण पर ध्यान नहीं दिया।” मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है, जो राज्य के इतिहास में अभूतपूर्व है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा फीस में मनमाने ढंग से वृद्धि रोकने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा, “हमने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि टैक्स का पैसा जनता का है और हम विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से यह पैसा वापस जनता को लौटा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जनता का पैसा बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और बुनियादी ढांचे के रूप में जनता तक वापस पहुंच रहा है। हमने मुफ्त बिजली, भ्रष्टाचार और सिफारिश के बिना 68,000 से अधिक युवाओं को नौकरियां, बेहतर सड़कें और अवधि पूरी कर चुके टोल प्लाजा बंद करने जैसे कदम उठाए हैं,मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी, तब सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था। आज यह आंकड़ा 80 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। ।”

शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा में अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार के समर्पित प्रयासों के कारण प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। हमने स्कूलों को अपग्रेड किया, शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया, स्मार्ट कक्षाएं बनाई और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप पंजाब अब शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभर रहा है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी हालिया आंकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी क्रांति लाई है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। प्रत्येक परिवार वार्षिक 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर चुके हैं और लोगों ने इस योजना के तहत अब तक लगभग 650 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज का लाभ उठाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने कृषि क्षेत्र को बिजली आपूर्ति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान कृषि मोटरों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है। किसानों को अब सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनका जीवन आसान हुआ है और कृषि को भी काफी लाभ मिला है।”

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