पंजाब में जनगणना प्रक्रिया आज से एक नए डिजिटल माध्यम से शुरू हो रहा है।
बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज संगरूर से इस विशेष स्व-गणना अभियान की शुरुआत करेंगे, जो 14 मई तक चलेगा। इस पहल के जरिए राज्य सरकार ने पहली बार लोगों को घर बैठे अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन भरने की सुविधा दी है।
क्या है स्व-गणना ?
यह एक ऑनलाइन प्रक्रिया है, जिसमें नागरिक सरकारी सर्वे टीम के आने से पहले ही अपनी जनगणना से जुड़ी जानकारी वेब पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक है। जो लोग ऑनलाइन जानकारी नहीं भरना चाहते, उनके लिए पारंपरिक घर-घर सर्वे जारी रहेगा।
67 हजार कर्मचारी होंगे तैनात
राज्यभर में इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए करीब 67,000 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद भी सरकारी कर्मचारी घर आकर जानकारी का सत्यापन करेंगे।
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
पहला चरण 15 मई से 13 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें मकानों की सूची और आवास से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। इस दौरान कर्मचारी घर-घर जाकर 33 अहम सवाल पूछेंगे, जो घर की सुविधाओं और जीवन स्तर से संबंधित होंगे।
कब और कैसे भरें फॉर्म?
स्व-गणना पोर्टल सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक सक्रिय रहेगा। नागरिक अपने मोबाइल या लैपटॉप के जरिए 16 भाषाओं में उपलब्ध फॉर्म भर सकते हैं।
ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
ऑनलाइन जानकारी भरते समय कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं:
OTP या लॉगिन डिटेल किसी के साथ साझा न करें
आधार, पैन या बैंक से जुड़ी जानकारी अपलोड करने की जरूरत नहीं है
सही लोकेशन और परिवार की सटीक जानकारी ही दर्ज करें
फॉर्म पूरा होने के बाद SE ID के साथ सफलता संदेश जरूर देखें
इन सवालों से रहें सावधान
अगर कोई कर्मचारी इन तीन विषयों पर सवाल पूछे, तो जवाब देने से बचें:
मासिक आय या बैंक बैलेंस
आधार, पैन या अन्य पहचान पत्र की मांग।
बैंक खाता या OTP जैसी निजी जानकारी।
जनगणना के दिलचस्प नियम
लंबे समय से साथ रह रहे लिव-इन कपल को ‘विवाहित’ माना जाएगा।
मोबाइल में FM होने पर उसे ‘रेडियो’ माना जाएगा।
यूट्यूब देखना ‘टीवी’ नहीं माना जाएगा, टीवी अलग होना जरूरी है।
ट्रैक्टर को कार/जीप की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा।
इस नई पहल के जरिए सरकार जनगणना प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, आसान और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है।