Thursday, April 30, 2026
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पंजाब CM राष्ट्रपति से अकेले मिलेंगे:6 सांसदों के राइट टू रिकॉल की मांग करेंगे; विधायक साथ लाने की परमिशन नहीं मिली

पंजाब के 6 राज्यसभा सांसदों AAP छोड़कर BJP जॉइन करने के खिलाफ CM भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।

सीएम को अकेले मुलाकात का टाइम मिला है। हालांकि CM मान ने सभी 94 विधायकों के साथ मुलाकात का टाइम मांगा था। इसके पीछे का मकसद ये था कि राइट टू रिकॉल के तहत 6 सांसदों की मेंबरशिप रद्द करा दोबारा वोटिंग कराई जा सके।इसको लेकर CM मान ने सोशल मीडिया (X) पर कहा- 5 मई को दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति से मिलने का टाइम मिला है। न्योता सिर्फ मुझे मिला है। मैं विधायकों को लेकर राष्ट्रपति भवन तक जाऊंगा। विधायक बाहर रहेंगे और मैं राष्ट्रपति के पास जाकर पंजाब के लोगों की आवाज को मजबूती से रखूंगा।
जालंधर में AAP की मीटिंग के लिए बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था।
जालंधर में AAP की मीटिंग के लिए बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था।
राष्ट्रपति से क्यों मिलने जा रहे CM मान
आम आदमी पार्टी (AAP) के कुल 7 व पंजाब से राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी में बड़ी फूट की खबरें सामने आई थीं। पालिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख की मानें तो विधायकों को साथ ले जाकर मान यह दिखाना चाहते हैं कि पंजाब के विधायक अभी भी उनके और अरविंद केजरीवाल के साथ पूरी तरह एकजुट हैं।
इसके अलावा वह पंजाब में भी मैसेज देने की कोशिश करेंगे कि उनकी पार्टी के 6 सांसदों ने पार्टी बदली तो उन्होंने उनकी मेंबरशिप खारिज करने तक की लड़ाई लड़ी। इससे इस बात का भी डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश होगी कि AAP ने गैर पंजाबियों को चुनकर राज्यसभा भेजा था। चूंकि राज्यसभा के लिए विधायक वोटिंग करते हैं, इसलिए इसमें लोगों का सीधा दखल नहीं है। इस फैसले की जिम्मेदार उन्हें राज्यसभा भेजने वाली पार्टी ही होती है।
 कल आम आदमी पार्टी (AAP) ने जालंधर में मीटिंग बुलाई थी। सवा घंटे चली इस मीटिंग में विधायकों ने इकट्ठा होकर शक्ति प्रदर्शन किया। राघव चड्ढा के सवाल पर हर विधायक चिढ़ता नजर आया। खुद सिसोदिया यह कहकर निकल गए कि BJP बहुत घटिया और झूठी पार्टी है। उसकी बातों में मत आया करो।
मीटिंग में CM भगवंत मान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। इस दौरान CM ने सुखपाल खैहरा का उदाहरण देते हुए विधायकों को अप्रत्यक्ष तौर पर चेतावनी दी।
CM ने कहा- कुछ गड़बी पानी निकलने से नदी नहीं सूखती। खैहरा को भी गलतफहमी हुई थी कि AAP को छोड़ने से AAP खत्म हो जाएगी। खैहरा के न रहते भी 92 MLA आए। जो गए, उन्हें भी यही भ्रम है, लेकिन अच्छा हुआ वे वक्त से गए। इनके जाने से जो निगेटिविटी फैली है, उसे अगले कुछ महीनों में दूर कर लिया जाएगा।
पार्टी सूत्र ने दावा किया की मीटिंग में 80 से ज्यादा विधायक आए थे। कुछ हाजिरी लगाकर निकल गए, क्योंकि उनके कार्यक्रम पहले से शेड्यूल थे।
AAP की मीटिंग के क्या राजनीतिक मायने…
  • कार्यकर्ताओं-विधायकों को बुलाकर विरोधियों को जवाब: पंजाब की AAP सरकार ने जालंधर में करीब 1 हजार ऑब्जर्वर और विधायकों की मीटिंग बुलाई। पार्टी सूत्रों ने बताया कि राघव चड्ढा के साथ हुए विवाद और फिर पार्टी के 6 राज्यसभा सांसदों के टूटने से बॉटम लाइन वर्करों में मैसेज जा रहा था कि पार्टी में गड़बड़ी है। विरोधी कई दिन से AAP पर हमलावर थे। मीटिंग के जरिए उन्हें जवाब दिया गया।
  • वर्करों के बीच जाकर साथ खड़े होने का संदेश: BJP ने AAP के राज्यसभा सांसदों को तोड़कर बड़ा डेंट दिया है। सूत्र बताते हैं कि मीटिंग में वर्करों की निराशा को दूर करने पर काम किया गया। उन्हें गेम खिलाना इसी का हिस्सा रहा। खुद सिसोदिया ने एक-एक के पास जाकर हाथ मिलाया।
  • विधायकों-ऑब्जर्वर्स की बॉन्डिंग चेक की: पार्टी के ही एक जिला लेवल वर्कर ने बताया कि मीटिंग और गेम्स के जरिए विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच की बॉन्डिंग भी चेक की गई। चुनाव सामने हैं और पार्टी इससे पहले हर तरह का नाराजगी को दूर करना चाहती है। इसलिए, सबको एक मंच पर लाया गया, ताकि ऊपर से भेजे मैसेज का नीचे तक असर हो।
  • एक्टिविटी करवाकर जोश भरा: पार्टी की तरफ से विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच 20 मिनट तक गेम करवाए गए। इसमें रस्साकसी और रिंग के बीच से शरीर निकालने का कंपीटिशन करवाया गया। खुद मनीष सिसोदिया ने वर्करों और विधायकों के बीच पहुंचकर जोश भरा और तालियां बजाते नजर आए।
विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच गेम्स खिलाए गए। मनीष सिसोदिया ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच गेम्स खिलाए गए। मनीष सिसोदिया ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
मीटिंग में सीएम ने ये बातें कही…
सीएम बोले-1 मई के बाद गांव की सत्थ में मिलेंगे: जालंधर में हुई विधायकों-आब्जर्वर की मीटिंग में वीसी से जुड़े सीएम मान ने कहा कि 1 मई को विधानसभा का सत्र बुलाया है। उसके बाद हर रोज शाम को किसी न किसी हलके के बड़े गांव में, गांव की सत्थ (चौपाल) में बैठेंगे। कोई टेंट लगाने की जरूरत नहीं, कोई कुर्सियां या डी बनाने की जरूरत नहीं है। उन्हीं पीपल-बोहड़ (बरगद) के पेड़ों के नीचे चलेंगे, जहां से पार्टी पैदा हुई थी। लोग इस बात को पसंद करते हैं कि हम उनके पास उसी पुराने अंदाज़ में आ गए हैं। जब सरकारी कार्यक्रम होते हैं, तो लोग थोड़ा महसूस करते हैं कि उन्हें हमारे नज़दीक नहीं जाने दिया जाता। हम लोगों के बीच से निकले हैं और लोगों के बीच ही रहना है। कोई नकारात्मकता नहीं रखनी, खुद को हमेशा चढ़दी कलां (उच्च मनोबल) में रखना है। आपका यह इकट्ठा होना ही मुझे बता रहा है और इससे मेरा हौसला भी बढ़ रहा है।
भला हुआ जाने वालों से जल्दी पल्ला छूट गया: सीएम ने कहा कि भला हुआ जो पल्ला (साथ) जल्दी छूट गया। कद्र न करने वालों की यारी लगने से बेहतर है कि टूट जाए। जिन्हें कद्र ही नहीं है कि उन्हें इतने बड़े ओहदे और पद मिल गए, फिर भी वे शुक्रगुजार नहीं हैं। ऐसे अहसानफरामोश लोगों को परमात्मा खुद सजा दे देता है। हमें काम करना है और आगे बढ़ना है। आने वाले दिनों के कार्यक्रम आपको मिल जाएंगे। मई के मेरे प्रोग्राम भी आपको मिल जाएंगे। मई में मैं आपके पास आऊंगा, हालांकि गर्मी बहुत है, पर पहली बार एक खुशखबरी देने लगा हूं कि पहली बार ऐसा हो रहा है कि आज हम नहरों में पानी छोड़ रहे हैं। 1 मई से पूरे पंजाब को 21 हजार क्यूसेक पानी मिलेगा। हमारे पास गिनाने के लिए ये काम हैं और लोगों को इन्हीं कामों से मतलब है।
कांग्रेस से सर्वे में हमारी पार्टी नंबर वन आई: सीएम ने कहा कि लोगों को जमीन पर हुए कामों से लेना देना है। कौन किस पार्टी में गया, किसने क्या कहा, इससे लोगों को कोई मतलब नहीं। विपक्षी पार्टियां पस्त हो चुकी हैं, उनके हौसले जवाब दे गए हैं। उन्हें भी पता चल गया है कि अब हमारा मुकाबला नहीं। सुना है कांग्रेस ने कोई सर्वे कराया है और उस सर्वे में भी आम आदमी पार्टी पहले नंबर पर आई है। इसीलिए अब वे फार्म के मुर्गों की तरह गर्दनें झुकाए फिर रहे हैं कि अब क्या करें। जब वे खुद के सर्वे में ही नहीं जीत रहे, तो उन्हें और कौन जिताएगा? वे लोगों से कट चुके हैं।
रोज रिपोर्ट लें कि कौन कहां गया: सीएम ने कहा कि आप हौसला रखें। मनीष सिसोदिया और संगठन के बाकी साथियों ने विधायकों को प्रोग्राम दिया है, उसके मुताबिक चलें। हर रोज मॉनिटरिंग करें क्योंकि हमारी पार्टी सबसे अपडेटेड है। रोज रिपोर्ट लें कि कौन कहां गया और लोगों को बताएं कि ये काम हुए हैं। हम इसे एक मिशन के तौर पर ले रहे हैं, न कि चेयरमैनियां लेने या फोटो खिंचवाने के लिए। इतिहास में आपका नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा कि जब पंजाब दोबारा पटरी पर लौटा था, तब साथ में कौन-कौन खड़ा था।
वक्त इम्तिहान लेता है, लेकिन आपको देने की जरूरत नहीं: सीएम ने कहा कि कभी-कभी वक्त इम्तिहान लेता है, लेकिन आप तो कई अग्नि-परीक्षाओं से पास होकर निकले हो। हमें दोबारा यह टेस्ट लेने की जरूरत नहीं है कि आप किसके साथ हो। आपका यहां आना ही बहुत बड़ा हौसला है। हमारी रैलियां भगत सिंह के नारे से शुरू और उसी पर खत्म होती हैं। हम उन्हें अपना मेंटर (मार्गदर्शक) मानते हैं। उन्होंने कभी दिन-रात या मुश्किल समय नहीं देखा, वे तो भेष बदल-बदल कर काम करते थे। लगे रहिए, मुझे आप पर बहुत गर्व है। होमवर्क बहुत जरूरी है। बाकी पार्टियां अभी इसी उलझन में हैं कि किसे चेहरा बनाएं या किसे टिकट दें, वे क्लेश में फंसी हैं। हम इन चक्करों में नहीं हैं।
CM का मैसेज- छोड़कर जाने से नुकसान का भ्रम निकाल दें विधायकों की मीटिंग लगभग सवा घंटे तक चली। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े CM भगवंत मान ने दो टूक कहा कि कोई भी अपने मन से यह भ्रम निकाल दे कि किसी के छोड़ने से पार्टी को कोई नुकसान होगा। CM ने कहा कि खैहरा को पूछ लें। उन्हें भी यही भ्रम हुआ था। अब राज्यसभा के भी कुछ मेंबरों को यह भ्रम हुआ है। देखना, कुछ समय बाद इनका भी खैहरा वाला हश्र होगा।
सिसोदिया ने सभी AAP विधायकों और ऑब्जर्वर्स को बुलाकर उनसे फीडबैक भी लिया।
सिसोदिया ने सभी AAP विधायकों और ऑब्जर्वर्स को बुलाकर उनसे फीडबैक भी लिया।
ऑब्जर्वर्स और जिला प्रमुखों से फीडबैक लिया
मीटिंग को मनीष सिसोदिया, विधायक सैरी कलसी और अमन अरोड़ा ने संबोधित किया और एकजुट होने के लिए कहा। मीटिंग में संगठन को मजबूत करने की बात चली। नए ऑब्जर्वर से पूछा गया कि पुराने वाले परेशान तो नहीं करते?
जिला प्रमुखों से पूछा गया कि विधायक का काम कैसा है? तंग तो नहीं करते? पार्टी की ग्राउंड पर कैसी फीडबैक है? लोग क्या चर्चा कर रहे हैं? पार्टी के कामों को लोग निगेटिव या पॉजिटिव, किस नजरिए से देख रहे हैं?
पंजाब के 6 राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) में हलचल तेज है। विधायकों की टूट बचाने के लिए प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने आज जालंधर में मीटिंग बुलाई। यह मीटिंग करीब 4 घंटे चली।
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