Tuesday, October 13, 2026
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राम नगरी में हिंदू नव वर्ष की तैयारियां शुरू, घर-घर जलेंगे दीपक और फहराए जाएंगे धर्म ध्वज

नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर साधु-संतों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा रामकोट की परिक्रमा निकाली जाएगी।

उत्तर प्रदेश की पवित्र नगरी अयोध्या में इस बार हिंदू नव वर्ष यानी नव संवत्सर का पहला दिन बेहद भव्य और आध्यात्मिक माहौल में मनाने की तैयारियां चल रही हैं। नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर साधु-संतों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा रामकोट की परिक्रमा निकाली जाएगी। इसके साथ ही पूरे शहर में धर्म ध्वज फहराने और घर-घर दीप जलाने की भी अपील की गई है, ताकि नव वर्ष का स्वागत धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ किया जा सके।
जानकारी के अनुसार, 18 मार्च की शाम संत-महंत, साधु-संत और हजारों श्रद्धालु एकत्र होकर रामकोट क्षेत्र की परिक्रमा करेंगे। इस धार्मिक आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश के कई हिस्सों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। परिक्रमा के दौरान भक्ति गीत, जयकारे और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा रहेगा।
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर रामकोट परिक्रमा की यह परंपरा पिछले 21 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। इस अवसर पर सभी संत-महंत और श्रद्धालु सबसे पहले मतगजेंद्र मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वहीं से रामकोट परिक्रमा की शुरुआत की जाएगी। परिक्रमा के दौरान संत समाज और श्रद्धालु भगवान भगवान श्रीराम से देश, समाज और सनातन धर्म की उन्नति के लिए प्रार्थना करेंगे और कामना करेंगे कि आने वाला नया वर्ष सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।
इस अवसर को और भी खास बनाने के लिए राम मंदिर ट्रस्ट ने अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में धर्म ध्वज फहराने का आह्वान किया है। साथ ही शहर के लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों में दीप प्रज्वलित करें और धर्म ध्वज लगाकर नव संवत्सर का स्वागत करें। विशेष रूप से राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के उपलक्ष्य में पूरे शहर में धार्मिक उत्सव का माहौल बनाने की योजना है।
आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाने के लिए लगातार बैठकें की जा रही हैं और जनजागरण अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें शामिल हो सकें। साथ ही बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन से भी सहयोग मांगा गया है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार नव संवत्सर का उत्सव अयोध्या में पहले से भी ज्यादा भव्य और यादगार रहेगा।
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