Tuesday, June 2, 2026
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पंजाब में फिर मंडराया आतंकी हमले का खतरा, मिले Input से मची हलचल

एक वरिष्ठ राज्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि मिलिट्री इंटैलिजैंस (एम.आई) से एक अलर्ट मिला है

एक वरिष्ठ राज्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि मिलिट्री इंटैलिजैंस (एम.आई) से एक अलर्ट मिला है कि पाकिस्तान की गुप्तचर एजैंसी समर्थित दुश्मन तत्व पाकिस्तान से भारतीय पंजाब में घुसने और सैन्य ठिकानों पर आतंकवादी हमला करने की कोशिश कर सकते हैं।
जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के साथ अंतरर्राष्ट्रीय सीमा से पठानकोट और आसपास के इलाकों की ओर जाने वाली सड़कों पर विशेष चैक पॉइंट बनाए गए हैं और इलाके में अतिरिक्त बल भी भेजा गया है। खुफिया एजैंसियों ने मंगलवार को पंजाब में पाकिस्तान की आई.एस.आई. द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से संभावित घुसपैठ की कोशिश को लेकर अलर्ट जारी किया, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने सुरक्षा तैयारियों को बढ़ा दिया है। अधिकारी ने कहा, तदनुसार हमने अपनी अलर्ट की स्थिति बढ़ा दी है और इन इनपुट को गंभीरता से ले रहे हैं। अधिकारी ने कहा, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बी.एस.एफ.) और पंजाब पुलिस पंजाब में किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोशिश को नाकाम करने के इन प्रयासों में समन्वय कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 27 जुलाई, 2015 को भारतीय सेना की वर्दी पहने 3 भारी हथियारों से लैस आतंकवादी पाकिस्तान से गुरदासपुर जिले में घुस आए थे। कहा जाता है कि वह रावी नदी सीमा के पास से घुसे थे। उन्होंने सुबह करीब 5.30 बजे एक कार को हाईजैक करके, सडक़ किनारे एक विक्रेता पर गोलीबारी करके, चलती पंजाब रोडवेज बस पर हमला कर यात्रियों को घायल किया। फिर दीनानगर पुलिस स्टेशन पर धावा बोलकर अपना हमला शुरू किया। उन्होंने अमृतसर-पठानकोट लाइन पर पास के एक रेलवे ट्रैक पर पांच बम भी लगाए थे, जिन्हें बाद में डिफ्यूज कर दिया गया। इस हमले में तीन आम नागरिकों और चार पुलिस कर्मियों समेत सात लोग मारे गए। पंजाब पुलिस ने तब सेना की मदद से करीब 120 घंटे तक चले गनफाइट के बाद तीनों आतंकवादियों को मार गिराया।
इसी तरह 2 जनवरी, 2016 को, जैश-ए-मोहम्मद के भारी हथियारों से लैस आतंकवादी, जो आर्मी की वर्दी पहने हुए थे, पठानकोट में इंडियन एयर फोर्स बेस की बाउंड्री में घुस गए। उन्होंने रास्ते में एक पंजाब पुलिस के एस.पी. रैंक के अधिकारी की गाड़ी अगवा कर ली। गनफाइट कई दिनों तक चली, और सर्च ऑपरेशन 5 जनवरी तक जारी रहा। सफाई अभियान के दौरान एक हुए ब्लास्ट में एक सैनिक अधिकारी सहित सात भारतीय सुरक्षाकर्मी मारे गए। तक सभी आतंकवादियों को मार गिराया गया।
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