Saturday, April 18, 2026
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Punjab : डेयरी मालिकों को 25 दिसम्बर तक अल्टीमेटम! नहीं तो होगी यह कानूनी कार्रवाई

पिछले एक दशक से पटियाला शहर से डेयरियों को शिफ्ट करने की योजना को अब बूर पड़ता नजर आ रहा है।

पिछले एक दशक से पटियाला शहर से डेयरियों को शिफ्ट करने की योजना को अब बूर पड़ता नजर आ रहा है। नगर निगम ने डेयरियों को निगम की हद से बाहर बनाए गए डेयरी फॉर्म में शिफ्ट करने की योजनाबंदी तैयार कर ली है और इस संबंध में जल्द ही एक बैठक आयोजित की जा रही है। नगर निगम के कमिश्नर परमजीत सिंह ने इस संबंध में निगम की सभी ब्रांचों के साथ मीटिंग की है।
इस मौके निगम अधिकारियों ने ऐलान किया कि शहर की सीमाओं में मौजूद सभी डेयरियों को 25 दिसम्बर तक नगर निगम की सीमा से बाहर शिफ्ट करना अनिवार्य है। डेयरी मालिकों को निर्धारित तिथि तक अपनी डेयरी स्वयं बाहर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं और उन्हें पूरा सहयोग और समय प्रदान किया जा रहा है।
इस संबंधी मेयर और कमिश्नर ने कहा कि यदि कोई डेयरी मालिक 30 दिसम्बर तक डेयरियां शिफ्ट नहीं करता तो नगर निगम की ओर से कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत उनके पानी और सीवरेज कनैक्शन तुरंत काट दिए जाएंगे। बैठक में विशेष तौर पर विधायक शहरी अजीतपाल सिंह कोहली, मेयर कुंदन गोगिया और नगर निगम कमिश्नर परमजीत सिंह उपस्थित थे।
बैठक में उपरोक्त से अलावा राजिंदर चोपड़ा निगरान इंजीनियरिंग, जतिंदरपाल सिंह निगरान इंजीनियर, सुरजीत सिंह चीमा सचिव, नरायण दास निगम इंजीनियर, दर्पण कुमार सुपरिंटैंडैंट लैंड शाखा और रिषभ गुप्ता सैनीटरी इंस्पैक्टर सहित कई सीनियर अधिकारी मौजूद थे। विधायक कोहली, मेयर कुंदन गोगिया, कमिश्नर परमजीत सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि डेयरियों से तैयार होने वाला गोबर, गंदा पानी और अन्य बचावट सामग्री बिना सही प्रबंधन के सीधे सीवरेज लाइनों में चला जाता है, जिसके कारण सीवरेज सिस्टम बार-बार जाम हो रहा है।
इस ब्लॉकेज की सफाई के लिए हर साल करोड़ों रुपए का खर्चा नगर निगम को झेलना पड़ रहा है, जो निगम के वित्तीय बजट पर भारी बोझ है। इसके साथ-साथ डेयरियों के अनियंत्रित विस्तार के कारण बदबू, मक्खियों आदि के चलते शहर वासियों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और बीमारियों फैलने का बड़ा खतरा बना रहता है। बैठक के अंत में अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि शहर की स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और विकास को बनाए रखने के लिए यह फैसला बेहद जरूरी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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