छह पीड़ितों से लगभग 45 लाख रु पए की ठगी का आरोप है।
विदेशों में काम के लिए वीजा दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रु पए ठगने के आरोप में यूटी पुलिस ने दो इमिग्रेशन फर्मों के मालिकों और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। कुल छह पीड़ितों से लगभग 45 लाख रु पए की ठगी का आरोप है। पहला मामला सैक्टर 9 स्थित डीवाई मैनेजमेंट कंसल्टेंसी लिमिटेड के खिलाफ दर्ज करवाया गया है। शिकायतकर्ता हरियाणा के जींद निवासी सुरिंदर कुमार ने दर्ज करवाया है। वह जेबीटी शिक्षक हैं। पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए यूके का वर्क वीजा दिलवाने के लिए डीवाई मैनेजमेंट कंसल्टेंसी लिमिटेड (डीवाई इमिग्रेशन) से संपर्क किया था।
फर्म ने उनसे वीजा की प्रक्रि या के लिए 38 लाख रु पये की मांग की, जो उन्होंने जुलाई 2024 से जनवरी 2025 के बीच नकद और ऑनलाइन माध्यम से अदा कर दिए। फर्म ने वादा किया था कि वीजा मंजूर होते ही उन्हें सूचित किया जाएगा, लेकिन लंबे समय तक कोई जवाब नहीं आया। जब शिकायतकर्ता फर्म के कार्यालय पहुँचे तो पाया कि ऑफिस बंद था। उन्होंने सैक्टर-9 स्थित एसएसपी पब्लिक विंडो में शिकायत दर्ज करवाई, जिसे बाद में सैक्टर-3 थाना भेजा गया। जांच के बाद पुलिस ने गौरव शर्मा, सुनीता शर्मा, सनी भाटिया और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। दूसरा मामला सैक्टर 17 स्थित वर्ल्ड वॉक इमिग्रेशन एंड कंसल्टेंट के खिलाफ दर्ज किया गया है।
दूसरे मामले में डेराबस्सी निवासी शशांक शर्मा और चार अन्य लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है कि सैक्टर 17 स्थित वर्ल्ड वॉक इमिग्रेशन एंड कंसल्टेंट के मालिक अनुभव गर्ग ने उन्हें लग्जमबर्ग का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर कुल 7.55 लाख रु पए की ठगी की। पैसे लेने के बाद न तो वीजा दिलवाया गया और न ही रकम वापस की गई। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। तीसरे मामला में सैक्टर-17 पुलिस ने राहुल अरोड़ा नामक इमिग्रेशन फर्म मालिक को यूटी प्रशासन से वैध अनुमति लिए बिना फर्म चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। हालांकि बाद में उसे थाने से जमानत पर रिहा कर दिया गया।