पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा नेता प्रवेश वर्मा के पंजाब विरोधी बयानों की कड़ी निंदा की है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली के भाजपा नेता प्रवेश वर्मा की तरफ से दिए गए भड़काऊ और पंजाब विरोधी बयानों की कड़ी निंदा की है। साथ ही उन्होंने भाजपा और प्रवेश वर्मा से उनके बयान की माफी की मांग की है। वहीं AAP पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने वर्मा की टिप्पणी को विभाजनकारी, खतरनाक और पंजाबी समुदाय और भारत की एकता और सुरक्षा में उनके योगदान का सीधा अपमान बताया है।
‘ये पंजाबियों का अपमान है’
सीएम भगवंत मान ने अपने X हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि दिल्ली भारत की राजधानी है और यहां हर राज्य के लोग रहते हैं। हर राज्य के वाहन पूरे देश में बेरोकटोक आते-जाते हैं और उनकी आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है। दिल्ली में पंजाब में पंजीकृत वाहनों की मौजूदगी पर सवाल उठाने वाला भाजपा का बयान न केवल भयावह है, बल्कि पंजाबियों का गहरा अपमान भी है। वे यह आरोप लगा रहे हैं कि पंजाबी सिर्फ अपने मूल राज्य के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। यह अस्वीकार्य है और हर पंजाबी की देशभक्ति का अपमान है।
‘देश की सीमाओं को सुरक्षित नहीं’
सीएम मान ने भाजपा की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह देश की सीमाओं को सुरक्षित नहीं कर सकते हैं और न ही हजारों बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की अवैध घुसपैठ को रोक सकते हैं। फिर भी, वह और उनकी पार्टी के नेता दिल्ली की यात्रा करने वाले पंजाबियों को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हैं। यह उनकी खतरनाक मानसिकता और देश की सुरक्षा और प्रगति में पंजाब के अपार योगदान के प्रति पूर्ण उपेक्षा को दर्शाता है। भाजपा को इस निराधार और शर्मनाक आरोप के लिए पंजाबी समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।
‘घटिया राजनीतिक स्टंट’
वहीं, पंजाब के AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा कि पंजाबियों को निशाना बनाकर प्रवेश वर्मा का अपमानजनक बयान भाजपा के गहरे पूर्वाग्रह और अज्ञानता को दर्शाता है। दिल्ली में पंजाब में पंजीकृत वाहनों की मौजूदगी पर सवाल उठाना और उन्हें गणतंत्र दिवस पर धमकियों से जोड़ना एक घटिया राजनीतिक स्टंट है। भाजपा के दिल्ली उम्मीदवार को राजनीति के इतने निचले स्तर पर गिरने पर शर्म आनी चाहिए।
भाजपा की नफरत भरी राजनीति
उन्होंने आगे कहा कि प्रवेश वर्मा की टिप्पणी भाजपा की विभाजनकारी और नफरत भरी राजनीति को उजागर करती है। ये आम लोगों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, वो एक ऐसे समुदाय के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं जो हमेशा से भारत की रीढ़ रहा है। अमित शाह, नरेंद्र मोदी और उनके पूरे नेतृत्व को इस अपमानजनक बयान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और पंजाबियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।