हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब एयरपोर्ट को एक ईमेल के जरिए बम की धमकी दी गई।
बुधवार सुबह हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब एयरपोर्ट को एक ईमेल के जरिए बम की धमकी दी गई। इस मेल के मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अलर्ट मोड में आ गईं। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और तुरंत बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को तैनात कर दिया गया।
एयरपोर्ट की हर कोने की तलाशी…
आपको बता दें कि बेगमपेट डिवीजन के एसीपी ने जानकारी दी कि मेल की सूचना मिलने के बाद एयरपोर्ट और उसके आसपास के पूरे इलाके में बारीकी से तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। सुरक्षा बल हर कोने की जांच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई खतरा तो नहीं है। पुलिस ने कहा कि वे इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। हालांकि इस जांच की वजह से एयरपोर्ट पर थोड़ी देर के लिए आवाजाही में परेशानी जरूर हुई, लेकिन यह सब यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी था।
फ्रैंकफर्ट-हैदराबाद फ्लाइट में भी मिली थी धमकी
हालांकि, इसी तरह की एक और घटना कुछ दिन पहले देखने को मिली थी, जब फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद आ रही लुफ्थांसा की फ्लाइट LH752 को बम की धमकी मिलने के बाद फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर वापस लौटना पड़ा। यह फ्लाइट रविवार दोपहर 1:30 बजे उड़ान भरने वाली थी और सोमवार तड़के 1:20 बजे हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (RGIA) पहुंचने वाली थी, लेकिन धमकी के कारण यह फ्लाइट करीब 22 घंटे की देरी से सोमवार रात 11:30 बजे हैदराबाद पहुंची। इस दौरान यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
मेल भेजने वाले का पता लगाया जा रहा
बम की धमकी मिलने के बाद पुलिस और साइबर सेल मेल भेजने वाले का पता लगाने में जुट गई है। जांच की जा रही है कि यह मेल कहां से भेजा गया और इसका मकसद क्या था। फिलहाल पुलिस ने कहा है कि किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए जब तक पूरी तरह जांच नहीं हो जाती, तब तक सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी जाएगी। इस बीच यात्रियों और आम लोगों से सुरक्षा जांच में सहयोग करने की अपील की गई है।
सुरक्षा सबसे पहले
हाल के दिनों में बम की धमकी की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को हर अलर्ट को गंभीरता से लेना पड़ रहा है। चाहे वह एयरपोर्ट हो या फ्लाइट, किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए पूरे सिस्टम को सतर्क रहना पड़ता है। हालांकि कई बार ये धमकियां झूठी साबित होती हैं, लेकिन किसी एक चूक से बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए सुरक्षा जांच और सतर्कता में देरी या असुविधा, यात्रियों के हित में ही होती है।