Thursday, May 28, 2026
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IPL 2025: IPL से पहले BCCI का बड़ा फ़ैसला; सभी कप्तानों की सहमति से अब गेँद शाइन करने के लिए होगा लार का इस्तेमाल

भारतीय क्रिकेट बोर्ड  ने इंडियन प्रीमियर लीग के ज्यादातर कप्तानों की सहमति के बाद आगामी चरण में गेंद पर लार के इस्तेमाल से प्रतिबंध हटा दिया है।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के ज्यादातर कप्तानों की सहमति के बाद आगामी चरण में गेंद पर लार के इस्तेमाल से प्रतिबंध हटा दिया है जिससे यह कोविड-19 महामारी के बाद लार के उपयोग को फिर से शुरू करने वाला पहला बड़ा क्रिकेट टूर्नामैंट बन गया है।

शनिवार से शुरू होने वाले आईपीएल के आगामी चरण से पहले मुंबई में कप्तानों की बैठक में यह फैसला लिया गया। बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, ‘लार पर प्रतिबंध हटा दिया गया है। अधिकांश कप्तान इस कदम के पक्ष में थे। कुछ को फिर से इसे शुरू करने को लेकर संदेह था, कुछ तटस्थ रहे लेकिन अधिकांश ने इस कदम का समर्थन किया।’ क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक मीटिंग में बताया गया कि धीमी ओवर गति के लिए कप्तानों को बैन नहीं किया जाएगा।

आईसीसी की तरह डिमैरिट प्वाइंट सिस्टम लागू किया जाएगा। डिमैरिट प्वाइंट 3 साल तक रहेंगे। एक अंदरूनी सूत्र के अनुसार, कप्तान को डिमैरिट प्वाइंट मिलेंगे, लेकिन धीमी ओवर गति के लिए मैच से बाहर नहीं किया जाएगा। आईपीएल ने भी कोविड-19 महामारी के बाद लीग में खेल की शर्तों में आईसीसी प्रतिबंध को शामिल किया, लेकिन इसके दिशानिर्देश खेल की संचालन संस्था के दायरे से बाहर हैं।

इस तरह बृहस्पतिवार को लिए फैसले से आईपीएल कोविड-19 महामारी के बाद लार के उपयोग को फिर से शुरू करने वाला पहला बड़ा क्रिकेट टूर्नामैंट बन गया है। अब जब आईपीएल में प्रतिबंध हटा लिया गया है तो आईसीसी भी इस विषय पर अपने रुख की समीक्षा कर सकता है।

कप्तानों की बैठक के एजैंडे में विवादास्पद ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम भी था जिसे बीसीसीआई ने पहले ही कम से कम 2027 तक बढ़ा दिया है। रोहित शर्मा और हाल में हाíदक पंड्या जैसे खिलाड़ी इस नियम पर अपनी आपत्ति व्यक्त कर चुके हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘हालांकि कुछ लोगों ने ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम पर आपत्ति जताई है लेकिन इससे ‘अनकैप्ड’ बल्लेबाजों और गेंदबाजों को फायदा हुआ है जिन्हें अन्यथा खेलने का मौका नहीं मिलता।’ बीसीसीआई ने ऊंची जाने वाली वाइड गेंद और ऑफ-स्टंप के बाहर की वाइड गेंद के लिए डीआरएस के इस्तेमाल को भी मंजूरी दे दी है।

अधिकारी ने कहा, ‘ऑफ-स्टंप के बाहर की वाइड और ऊंची वाइड गेंद पर फैसला करने के लिए ‘हॉक आई’ और ‘बॉल ट्रैकिंग’ का इस्तेमाल किया जाएगा।’ यह भी फैसला किया गया कि ओस के कारण शाम के मैच में दूसरी पारी में 11वें ओवर के बाद एक गेंद बदली जाएगी। एक अधिकारी ने कहा, ‘यह नियम में बदलाव नहीं है, यह सिर्फ इस साल सभी टीम और अंपायरों के बीच आपसी समझ है। बदली गई गेंद भी इस्तेमाल की गई होगी जिससे यह घिसी हुई होगी।’

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