जालंधर में हुए धमाके के बाद पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और पुलिस को हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
जालंधर में देर रात हुई हाई लेवल मीटिंग
सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शुक्रवार रात जालंधर पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें धमाके के बाद की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई। बैठक में यह चर्चा हुई कि जांच को किस दिशा में आगे बढ़ाना है और शहर में सुरक्षा कैसे और मजबूत की जाए। गुरप्रीत दियो भी जालंधर पहुंचीं और अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सख्त रखने के निर्देश दिए।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और धार्मिक स्थलों पर बढ़ी सुरक्षा
धमाके के बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस लगातार वाहनों की जांच कर रही है और आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। कई जगहों पर नाकाबंदी भी की गई है ताकि किसी संदिग्ध व्यक्ति को तुरंत पकड़ा जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों को भी मैदान में उतारा गया
स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए राजपत्रित अधिकारियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे रात के समय खुद सड़कों पर गश्त करें और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें। अधिकारियों को कहा गया है कि यदि कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत कार्रवाई की जाए। पुलिस कंट्रोल रूम को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
धमाके की जांच में जुटीं कई एजेंसियां
जालंधर धमाके की जांच अब बड़े स्तर पर की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीमें भी जांच में शामिल हो गई हैं। ये एजेंसियां पंजाब पुलिस और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर घटना के हर पहलू की जांच कर रही हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमाका कैसे हुआ और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं।
आतंकी एंगल और विदेशी कनेक्शन की भी जांच
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई आतंकी संगठन, विदेशी नेटवर्क या बड़ी साजिश तो नहीं है।एजेंसियां धमाके से जुड़े हर छोटे-बड़े सुराग को जोड़ने में लगी हैं। इसके अलावा संदिग्ध लोगों की गतिविधियों और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
सात टीमों ने खंगाली सीसीटीवी फुटेज
घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के लिए सात अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें हर वीडियो को ध्यान से देख रही हैं ताकि किसी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन का पता लगाया जा सके। शुक्रवार को एक दर्जन से ज्यादा लोगों से पूछताछ भी की गई। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में कौन लोग इलाके में मौजूद थे।
मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया की भी जांच
जांच एजेंसियां अब मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों को शक है कि घटना से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया या मोबाइल के जरिए संपर्क किया हो सकता है। फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए हैं जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमाके में इस्तेमाल सामग्री कहां से लाई गई थी।
पुलिस बोली- जल्द हो सकते हैं बड़े खुलासे
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हर एंगल से जांच चल रही है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।