जिला स्तरीय बाल भिक्षा निरोधक टास्क फोर्स ने छापेमारी कर भीख मांग रही एक बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू किया है।
जालंधर के कपूरथला चौक पर जिला स्तरीय बाल भिक्षा निरोधक टास्क फोर्स ने छापेमारी कर भीख मांग रही एक बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। डिप्टी कमिश्नर के आदेशों और सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के ‘प्रोजेक्ट जीवनजोत 2.0′ के तहत यह कार्रवाई की गई। बच्ची को फिलहाल चिल्ड्रन होम भेज दिया गया है, जहां उसकी शिक्षा और पुनर्वास का प्रबंध किया जाएगा।
कानूनी प्रक्रिया और शेल्टर
रेस्क्यू के बाद बच्ची को थाना डिवीजन नंबर-2 में ले जाया गया, जहां उसकी डीडीआर दर्ज करवाई गई। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति (CWC), जालंधर के समक्ष पेश किया गया। समिति के आदेशों पर बच्ची को सुरक्षित भविष्य और देखभाल के लिए चिल्ड्रन होम फॉर गर्ल्स में भेज दिया गया है।
जिला प्रोग्राम अधिकारी मनजिंदर सिंह ने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य केवल बच्चों को बचाना नहीं, बल्कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेस्क्यू की गई बच्ची की पढ़ाई और उचित पुनर्वास के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि वह एक बेहतर जीवन जी सके।
रेस्क्यू टीम में शामिल सदस्य
इस सफल अभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई के विभिन्न अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में लीगल कम प्रोबेशन अधिकारी संदीप कुमार, सोशल वर्कर तैनू बाला, काउंसलर सुनीता और डाटा एंट्री ऑपरेटर नवजोत कौर विशेष रूप से मौजूद रहे।