इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अपनी मौत की खबरों को पूरी तरह गलत बताया है।
उन्होंने गुरुवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, “मैं जिंदा हूं।” उन्होंने साफ किया कि इजराइल अपने फैसले खुद ले रहा है और अपनी सुरक्षा के लिए जो जरूरी होगा, वही करेगा।
इजराइल–ईरान युद्ध खतरनाक मोड़ पर
इजराइल और Iran के बीच चल रहा संघर्ष अब बहुत गंभीर होता जा रहा है। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल किसी के दबाव में नहीं है और वह अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इजराइल अमेरिका को इस युद्ध में खींच रहा है, तो उन्होंने तंज करते हुए कहा क्या कोई सोच सकता है कि कोई Donald Trump जैसे राष्ट्रपति को बता सकता है कि उन्हें क्या करना चाहिए? उनका मतलब था कि अमेरिका हमेशा अपने हित में ही फैसला लेता है।
अमेरिका को भारी नुकसान
Bloomberg की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध में अमेरिका को बड़ा नुकसान हुआ है। अब तक 16 अमेरिकी सैन्य विमान नष्ट हो चुके हैं। इनमें से 10 MQ-9 रीपर ड्रोन थे। इन ड्रोन को ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम ने गिराया। रिपोर्ट में बताया गया कि कई नुकसान दुश्मन की वजह से नहीं, बल्कि गलती से हुए हैं। कुवैत में गलती से हुई गोलीबारी में 3 F-15 लड़ाकू विमान गिर गए।
हवा में फटा ईंधन टैंकर
एक बड़ा हादसा तब हुआ जब KC-135 ईंधन टैंकर हवा में ही फट गया। इसमें सवार 6 सभी क्रू मेंबर की मौत हो गई। इसके अलावा सऊदी अरब के एक सैन्य अड्डे पर ईरान के मिसाइल हमले में 5 और टैंकर विमान क्षतिग्रस्त हो गए।
इजराइल पर नया मिसाइल हमला
इजरायली सेना के अनुसार, गुरुवार आधी रात से पहले Iran ने फिर से बड़ा मिसाइल हमला किया। यरूशलम और मध्य इजराइल में सायरन बजने लगे। वेस्ट बैंक के इलाकों में भी अलर्ट जारी हुआ। लोग डर के कारण इधर-उधर भागने लगे।