भारत सरकार इन दिनों स्वदेशी कंपनियों को प्रमोट करने में जुटी है।
भारत सरकार इन दिनों स्वदेशी कंपनियों को प्रमोट करने में जुटी है, और अब यह कदम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए अपनी ईमेल आईडी बदलने की जानकारी दी।
अमित शाह ने अपनी नई ईमेल आईडी साझा करते हुए लिखा, “मेरी नई ईमेल आईडी [amitshah.bjp@zohomail.in](mailto:amitshah.bjp@zohomail.in) है। कृपया भविष्य में इस मेल आईडी के जरिए संपर्क करें”। इसके साथ ही उन्होंने पोस्ट के अंत में लिखा, “Thank you for your kind attention to this matter”, जो इन दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अक्सर इस्तेमाल किया जाता है। अमित शाह के इस कदम के बाद, ज़ोहो (Zoho) ने भी X पर एक पोस्ट के जरिए गृह मंत्री का धन्यवाद किया। ज़ोहो वर्कप्लेस ने कहा, “राष्ट्रीय नेतृत्व का भारतीय इनोवेशन को अपनाना बेहद प्रेरणादायक है।”
Zoho एक बेंगलुरू स्थित प्राइवेट कंपनी है, जिसे श्रीधर वेम्बू ने स्थापित किया था। यह कंपनी भारतीय बाजार में छोटे और मंझोले कारोबारों के लिए डिज़ाइन किए गए कई टूल्स और सेवाएँ प्रदान करती है। खासकर Zoho के पास माइक्रोसॉफ्ट और गूगल के प्रोडक्ट्स के विकल्प मौजूद हैं। उदाहरण के लिए, Zoho Writer (MS Word का विकल्प), Zoho Show (PowerPoint का विकल्प) और Zoho Sheet (Excel का विकल्प) जैसे टूल्स, जो कम कीमत पर मिलते हैं।
इसके अलावा, Zoho का Arattai ऐप भी हाल ही में चर्चा में आया है, जो एक स्वदेशी व्हाट्सएप विकल्प है और तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। Zoho ने हाल ही में Paytm और PhonePe की तरह POS मशीन भी लॉन्च की है, जिसमें QR कोड और साउंडबॉक्स जैसी सुविधाएं हैं, जो दुकानदारों के लिए उपयोगी हो सकती हैं।
Zoho की इस प्रकार की सेवाएँ छोटे व्यापारियों और कंपनियों के लिए किफायती साबित हो रही हैं। कंपनी के पास व्यापार से जुड़ी कई गतिविधियों को मैनेज करने के लिए टूल्स उपलब्ध हैं, जैसे बिलिंग, इनवॉइस जनरेशन, और कस्टमर सपोर्ट से लेकर पूरी टीम के कामकाजी प्रक्रियाओं को आसान बनाने तक। ज़ोहो के ये टूल्स लागत में किफायती होने के कारण छोटे और मंझोले कारोबारियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन चुके हैं।
अमित शाह का इस कदम से जुड़ना और स्वदेशी उत्पादों की ओर बढ़ना भारत सरकार की “आत्मनिर्भर भारत” और Make in India पहल को बढ़ावा देता है, जो भारतीय तकनीकी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के लिए है।