कांग्रेस ने मांग की कि पंजाब सरकार पिछड़े वर्गो को विभिन्न नौकरियों में आरक्षण प्रदान करने के लिए कानून लागू करे।
कांग्रेस ने मांग की कि पंजाब सरकार पिछड़े वर्गो को विभिन्न नौकरियों में आरक्षण प्रदान करने के लिए कानून लागू करे। जिसमें, कानून अधिकारियों की नियुक्ति भी शामिल है। जिसे, कांग्रेस ने 2006 में पारित किया था। पीसीसी अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पीसीसी के ओबीसी विभाग के अध्यक्ष राज बख्श कंभोज, अर्शप्रीत खडियाल और बरनाला के विधायक कुलदीप ढिल्लों के साथ कहा कि यह कांग्रेस सरकार ही थी, जिसने 2006 में विभिन्न नौकरियों में पिछड़े वर्गो को 12 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला कानून पारित किया था, यह फिर से कांग्रेस सरकार ही थी, जिसने 2021 में अधिनियम को अधिसूचित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 साल तक सत्ता में रहने वाली अकाली-भाजपा सरकार कानून को लेकर सोती रही। उन्होंने कहा कि आप ने भी यही किया।
पीसीसी अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी सरकार के इस दावे का कड़ा विरोध किया कि उसने विधि अधिकारियों की नियुक्ति में आरक्षण नीति लागू की है। उन्होंने महाधिवक्ता कार्यालय के एक पत्र का हवाला दिया। जिसमें, दावा किया गया था कि विधि अधिकारियों की नियुक्ति में किसी भी प्रकार के आरक्षण का प्रावधान नहीं है।
वड़िंग ने कहा कि करीब 18 महीने बाद आप सरकार को एहसास हुआ कि विधि अधिकारियों की नियुक्ति में आरक्षण का लाभ दिया जाना है, इसलिए उसने आगे बढ़ने का फैसला किया। लेकिन उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी थी, आप नहीं, जिसने विधि अधिकारियों की नियुक्ति में न केवल अनुसूचित जातियों को, बल्कि पिछड़े वर्ग को भी आरक्षण देने का कानून पारित किया था।


