जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के बाद पंजाब सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के बाद पंजाब सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 23 अप्रैल को एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई है, जो आज सुबह 11 बजे सीएम आवास पर आयोजित की जाएगी। बैठक में पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव सहित तमाम शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे।
-CM मान ने बुलाई हाई-लेवल सुरक्षा बैठक
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस बैठक में प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने, सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने और संभावित खतरों को समय रहते निष्क्रिय करने की रणनीति पर चर्चा होगी। बैठक के बाद सीएम भगवंत मान सुबह 11.30 बजे मीडिया को संबोधित करेंगे और बैठक के निर्णयों की जानकारी साझा करेंगे।
पंजाब की संवेदनशीलता को देखते हुए यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। राज्य की सीमा पाकिस्तान के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर से भी जुड़ी है। विशेष रूप से पठानकोट, जो सैन्य दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है और जहां एयरफोर्स बेस समेत कई अहम सैन्य संस्थान मौजूद हैं, वहां से पहलगाम की दूरी महज 297 किलोमीटर है।
-पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
इस हमले के मद्देनज़र पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। छह सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है। हाल के दिनों में सीमावर्ती क्षेत्रों में ग्रेनेड हमलों और संदिग्ध गतिविधियों में वृद्धि हुई है, जिससे खतरे की आशंका और बढ़ गई है।
पुलिस का कहना है कि उन्हें केंद्रीय एजेंसियों और पड़ोसी राज्यों से मिले इनपुट पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है। गुरदासपुर और पठानकोट जैसे जिलों में हाल ही में संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी भी ली गई है। ऐसे में सरकार किसी भी तरह की चूक नहीं होने देना चाहती और आतंकवादी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है।
साफ है कि पहलगाम हमले ने पंजाब को भी चौकन्ना कर दिया है, और राज्य सरकार अब किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तैयारी में जुट गई है।