अमेरिका-इजराइल और ईरान में चल रही जंग में तत्काल युद्धविराम के आसार भी नहीं दिख रहे हैं.
अमेरिका-इजराइल और ईरान में चल रही जंग में तत्काल युद्धविराम के आसार भी नहीं दिख रहे हैं. इस बीच ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए 6 शर्तें रखी हैं. ईरान ने साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि अगर तबाही रोकना चाहते हैं तो पूर्ण युद्ध खत्म कीजिए. शर्तें मानिए अन्यथा ईरान पर हमले हुए तो बदले में भी हमले होते रहेंगे.
वरिष्ठ ईरानी राजनीतिक-सुरक्षा अधिकारी ने लेबनानी मीडिया आउटलेट Al Mayadeen को दिए गए साक्षात्कार में कहा कि अब तेहरान युद्ध की शर्तों को औपचारिक रूप से निर्धारित कर चुका है. दरअसल, जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया हुआ है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोली तो पावर ग्रिड पर हमले किए जाएंगे. पलटवार करते हुए ईरान ने भी होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से ब्लॉक करने और गल्फ देशों के पावर ग्रिड पर हमला करके उन्हें अंधेरे में डुबोने की धमकी दी.
इस बीच, ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए छह स्पष्ट शर्तें घोषित कर दी हैं, जो केवल युद्धविराम तक सीमित नहीं बल्कि पूरे क्षेत्रीय ढांचे को बदलने का संकेत देती हैं. माना जा रहा है कि ईरान की मिसाइल क्षमताओं, ऑपरेशनल सहनशक्ति और Strait of Hormuz पर रणनीतिक प्रभुत्व के चलते, देश अब युद्धविराम की पूर्व शर्तों पर नहीं बल्कि अपनी शर्तों पर जोर दे रहा है. हाल के हमलों ने इजराइल के अराद और डिमोना क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई और उसकी रक्षात्मक स्थिति को चुनौती दी.
युद्ध को रोकने के लिए ईरान की छह शर्तें
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1.युद्ध न दोहराए जाने की बाध्यकारी गारंटी. कोई अस्थायी या प्रतीकात्मक युद्धविराम स्वीकार्य नहीं.
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2.अमेरिकी सैन्य ठिकानों को पूरे क्षेत्र से हटाना. पश्चिम एशिया में अमेरिका की व्यापक सैन्य मौजूदगी को चुनौती.
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3.युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजा.
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4.सभी क्षेत्रीय युद्धों का समापन. मौजूदा संघर्ष को व्यापक संदर्भ में देखने की मांग.
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5.होर्मुज जलडमरूमध्य पर नई कानूनी व्यवस्था. वैश्विक ऊर्जा मार्ग पर ईरान का नियंत्रण सुनिश्चित.
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6.मीडिया नियंत्रण. ईरान को निशाना बनाने वाले शत्रुतापूर्ण मीडिया अभियानों में शामिल व्यक्तियों पर मुकदमा और प्रत्यर्पण.


