जेल से रिहा होने के बाद राजपाल यादव मीडिया से रूबरू हुए।
राजपाल यादव आखिरकार तिहाड़ जेल से रिहा हो गए हैं। 12 दिन सलाखों के पीछे बिताने के बाद उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई। सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उन्हें राहत देते हुए अंतरिम जमानत दी थी, जिसके बाद 17 फरवरी, मंगलवार को वह जेल से बाहर आ गए। 9 करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़े लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद के बीच उन्हें यह बड़ी राहत मिली है।
जेल से बाहर आए राजपाल
जेल से रिहा होने के बाद राजपाल यादव मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी कानूनी जानकारी के लिए आप हमारे वकील भास्कर से बात कर सकते हैं। मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि मुझे बॉलीवुड में लगभग 30 साल हो चुके हैं। पूरे देश का बच्चा-बच्चा मेरे साथ रहा, तभी मैं 250 फिल्मों में काम कर पाया। पूरा बॉलीवुड मेरे साथ खड़ा रहा है। भारतीय सिनेमा का हर दर्शक बच्चा, बूढ़ा और नौजवान मेरे दिल के बेहद करीब है।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले 10 सालों में माननीय हाई कोर्ट ने जो भी आदेश दिए हैं, मैंने उनका पालन किया है। आगे भी जहां-जहां पेश होने के लिए कहा जाएगा, मैं जरूर हाजिर होऊंगा। मेरा रिश्ता दर्शकों से मनोरंजन का है। जिस तरह बॉलीवुड ने मेरा साथ दिया, उसके लिए मैं बेहद आभारी हूं। धन्यवाद हाई कोर्ट, आपने मुझे सुना और मौका दिया। मैं हर मोड़ पर, हर चौराहे पर आपके साथ खड़ा हूं।
8 मार्च तक के लिए दी राहत
बता दें मंगलवार को कड़कड़डूमा कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव के लिए रिलीज वारंट जारी किया। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, अभिनेता के वकील ने बताया कि कड़कड़डूमा कोर्ट ने तिहाड़ जेल से उनकी रिहाई के लिए वारंट जारी कर दिया है। वकील ने जानकारी दी कि चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। सोमवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें 18 मार्च तक के लिए राहत दी।
इससे पहले कोर्ट ने अभिनेता के वकील को निर्देश दिया था कि दोपहर 3 बजे तक प्रतिवादी कंपनी (जिससे उधार लिया गया था) के नाम पर 1.5 करोड़ रुपये जमा किए जाएं। अभिनेता ने निर्धारित समय के भीतर राशि जमा कर दी, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 18 मार्च तक के लिए जमानत प्रदान कर दी।
कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की पीठ ने आदेश पारित करते हुए राजपाल यादव को एक लाख रुपये के निजी मुचलके (पर्सनल बॉन्ड) और उतनी ही राशि की एक जमानत (श्योरिटी) देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि राहत पर विचार करते समय यह ध्यान में रखा गया कि प्रतिवादी के बैंक खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए गए हैं। इसी शर्त के साथ सजा को निलंबित (सस्पेंड) करने का आदेश दिया गया, बशर्ते राजपाल यादव एक लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही राशि की एक श्योरिटी प्रस्तुत करें।