गेहूं कटाई के सीजन के बीच जहां कई किसान आगजनी की घटनाओं से पीड़ित हैं
गेहूं कटाई के सीजन के बीच जहां कई किसान आगजनी की घटनाओं से पीड़ित हैं, वहीं अबोहर के केराखेड़ा व राजपुरा गांव के एक दर्जन किसान दो नापाक व्यापारियों के शिकार हो गए, जिन्होंने रिश्वत का लालच देकर उनकी सैकड़ों एकड़ फसल खरीद ली, लेकिन पैसे नहीं दिए, जिसके चलते एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का शिकार होने के बाद दर्जनों किसान सदर थाने पहुंचे और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
केराखेड़ा और राजपुरा गांव के प्रभावित किसान विजय कुमार, लाल चंद, भजन लाल, जयचंद, राजिंदर कुमार, बृजलाल, कुलविंदर सिंह, प्रेम चंद, सतनाम सिंह और मनिंदर सिंह ने बताया कि करीब 3 महीने पहले सिरसा निवासी मनदीप गर्ग और श्रवण वर्मा केराखेड़ा गांव आए थे और यहां किसी के घर में रहने लगे थे।
इस दौरान उन्होंने गांव में ही एक दुकान किराए पर ले ली। प्रभावित किसानों ने बताया कि ग्रामीणों का विश्वास जीतने के लिए उन्होंने गांव के जरूरतमंद लोगों की मदद करने सहित अन्य सामाजिक कार्य शुरू किए और धीरे-धीरे ग्रामीणों का विश्वास जीत लिया।
हाल ही में गेहूं की कटाई का सीजन नजदीक आता देख उन्होंने किसानों को लालच दिया कि वे अपना गेहूं अनाज मंडी में जाने की बजाय सीधे यहां बेच दें, ताकि वहां होने वाले झंझट से बचा जा सके, जिसके लिए वे उन्हें प्रति किलोग्राम एक रुपया अधिक देंगे और उनकी फसल भी नहीं कटेगी तथा भुगतान भी तुरंत हो जाएगा। इन दोनों ठगों के जाल में फंसकर करीब 50 किसानों ने अपनी पूरी गेहूं की फसल इन्हें बेच दी, जिसे इन्होंने कैंटरों में भरकर मलोट, लंबी और कलरखेड़ा की मंडियों में भेज दिया। लेकिन जब किसानों को उनकी फसल का भुगतान नहीं मिला तो उन्हें पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।
इस बीच, दोनों व्यापारियों ने स्थिति का फायदा उठाया और अपनी दुकान छोड़कर भाग गए। किसानों के अनुसार उन्होंने लगभग 50 टन गेहूं खरीदा। यहां गेहूं की ढुलाई करने वाले कैंटर चालक विक्की, सुखविंदर और प्रवीण ने बताया कि इन दोनों व्यापारियों ने उन्हें गेहूं की ढुलाई के लिए रखा था, लेकिन ढुलाई का पैसा नहीं दिया।
थाने में अपनी शिकायत लेकर आए किसानों की बात सुनते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि पीड़ित किसानों की शिकायत दर्ज की जा रही है और जिन व्यापारियों पर यह आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका पता लगाया जाएगा और पूरी जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।